अनंतनाग मुठभेड़ में जैश के दो आतंकी ढ़ेर

दोनों ने सरेंडर करने की अपील की थी दरकिनार
सुरक्षाबलों ने आखिरकार दोनों को पहुंचाया जहन्नुम
श्रीनगर। कश्मीर के अनंतनाग जिले के कांडीपोरा में एक मकान में छिपे दोनों आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने ढ़ेर कर दिया। मारे गए दोनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन के बताए गए हैं जिनकी पहचान आदिल अहमद भट निवासी शिथपोरा बिजबिहाड़ा और ज़ाहिद अहमद राथर निवासी श्रीहामा अनंतनाग के रूप में की गई है। मुठभेड़ स्थल से हथियार व गोला-बारूद भी बरामद किया गया है। पुलिस के अधिकारियों ने दो आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के दौरान दोनों आतंकियों को कई बार आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया परंतु उन्होंने हथियार डालने से इंकार कर दिया। बुधवार शाम को शुरू हुई मुठभेड़ वीरवार को सुबह 11 बजे के करीब संपन्न हुई। पुलिस के मुताबिक एक आतंकी को सुबह 9 बजे से पहले ही मार गिराया था जबकि दूसरा आतंकी उसके एक-डेढ़ घंटे बाद ढ़ेर कर दिया गया। अन्य आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन भी चलाया गया। मुठभेड़ के दौरान बिजबेहाड़ा कांडीपोरा में इंटरनेट सेवा भी रखी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया तक वीरवार तडक़े एक बार फिर सेना ने एक मकान में छिपे आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। उनसे कहा गया कि वो हथियार छोडक़र घर से बाहर आ जाएं, उन्हें कुछ नहीं किया जाएगा, परंतु उन्होंने इस अपील को अनसुना कर एक बार फिर सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
दरअसल, अनंतनाग में बिजबिहाड़ा से कुछ ही दूरी पर कांडीपोरा में शाम को स्वचालित हथियारों से लैस दो तीन आतंकी अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आए थे और पुलिस को इसकी भनक लग गई। कुछ ही समय में पुलिस ने सेना की 3 आरआर व सीआरपीएफ की 14वीं वाहिनी के जवानों के साथ मिलकर कांडीपोरा की घेराबंदी शुरू कर दी। बुधवार शाम छह बजे जब जवान तलाशी लेते हुए गांव में दाखिल होने लगे तो एक मकान में छिपे आतंकियों ने उन पर पर गोलीबारी शुरू कर भागने का प्रयास किया। जवानों ने आतंकियों के मंसूबे को नाकाम बना दिया। जवानों ने आतंकियों को कई बार सरेंडर का मौका दिया, लेकिन उन्होंने गोलीबारी को जारी रखा। मुठभेड़ स्थल पर अन्य मकानों में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए। देर रात तक दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। आतंकी अंधेरे का लाभ लेकर भागने न पाएं इसके लिए सुरक्षाबलों ने गांव को फ्लड लाइटस से रोशन करने के अलावा कई रास्तों को कंटीली तारों से बंद कर दिया था। वीरवार को आखिरकार दोनों आतंकियों को मार गिराया गया।

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