कारगिल नहीं पहुंच पाए राष्ट्रपति कोविंद डैगर युद्ध स्मारक बारामूला में दी शहीदों को श्रद्धांजलि

जम्मू। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कारगिल दौरा सोमवार को खराब मौसम के कारण रद कर दिया गया। कारगिल द्रास शहीदी स्मारक न पहुंच जाने पर राष्ट्रपति बारामूला स्थित डैगर युद्ध स्मारक पर पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अलावा सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। देश की रक्षा में अपनी जान अर्पित करने वाले शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सेना के इन वीरों की शहादत की वजह से ही आज देश का हर नागरिक शांति से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश का हर नागरिक इन वीरों व इनके परिजनों का सदैव कर्जदार रहेगा। इनकी शहादत को इसी तरह हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने इस दौरान कश्मीर घाटरी में आतंकवाद व पड़ोसी देशों की सेनाओं की साजिशों का सामना कर रहे सैनिकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे इसी वीरता व साहस के साथ सरहद पर डटे रहकर दुश्मन की हर नापाक साजिश को नाकाम बनाएं। आपको बता दें कि खराब मौसम की वजह से आज सोमवार सुबह राष्ट्रपति का विशेष विमान श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ान नहीं भर पाया। जोजिला दर्रे जैसी हिमालय की चोटियों को इस मौसम में पार करना कठिन हो सकता था। वहीं प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें इसके लिए प्लान बी तैयार किया गया। इस प्लान के तहत राष्ट्रपति गुलमर्ग बारामूला पहुंचे। वहां स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में आयोजित समारोह से पूर्व उन्होंने डैगर युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उन्हें सैल्यूट भी किया। उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी थे। आपको जानकारी हो कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द गत रविवार दोपहर को जम्मू कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। श्रीनगर पहुंचने पर राष्ट्रपति को गार्ड आफ आनर दिया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने रविवार को अपने कार्यकाल के चार वर्ष भी पूरे किए। अधिकारियों के अनुसार चार दिन की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति को आज कारगिल विजय की 22वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए लद्दाख के द्रास जाना था। परंतु रात से ही खराब मौसम के कारण आज सुबह उनका विशेष विमान श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ान नहीं भर पाया। आपको जानकारी हो कि राष्ट्रपति वर्ष 2019 में भी आए थे उस दौरान भी वह खराब मौसम के कारण कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह में नहीं पहुंच पाए थे। उस दौरान उन्होने बदामीबाग स्थित सेना की 15 कोर के हेडक्वार्टर में आयोजित समारोह के दौरान शहीदों को श्रद्धांतलि दी थी। आज भी कारगिल न जा पाने की सूरत में वह गुलमर्ग स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ पहुंचे और शहीदों के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए। राष्ट्रपति 27 जुलाई मंगलवार को कश्मीर विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह में भाग लेकर विद्यार्थियों को मेडल और डिग्रियां देंगे। उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और कश्मीर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो तलत अहमद भी मौजूद रहेंगे। यह दीक्षांत समारोह नौ वर्ष बाद आयोजित हो रहा है। राष्ट्रपति बुधवार को वापस दिल्ली रवाना होंगे।

रिपोर्ट एकता चौहान

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