पंजाब की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी पहुंची लखबीर के गांव बहन ने कहा साजिश का शिकार हुआ भाई

अमित मरवाहा तरनतारन

सिंघु बॉर्डर पर निहंगों की बर्बरता का शिकार हुए लखबीर सिंह की हत्या के मामले में पंजाब सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम में शामिल एडीजीपी वरिंदर कुमार शनिवार को तरनतारन के एसएसपी हरविंदर विर्क के साथ चीमा खुर्द में लखबीर के घर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मृतक की बहन राजकौर, पत्नी जसप्रीत कौर और ससुर दर्शन सिंह से बातचीत की। इससे पहले हरियाणा सरकार की विशेष टीम भी चीमा खुर्द गांव जाकर परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर चुकी है। पंजाब सरकार ने लखबीर हत्याकांड की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया था। टीम में एडीजीपी वरिंदर कुमार, फिरोजपुर बॉर्डर रेंज डीआईजी इंद्रबीर सिंह और तरनतारन के एसएसपी हरविंदर विर्क को शामिल किया गया है। लखबीर की बहन राजकौर ने टीम को बताया कि उसका भाई ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सकता। किसी साजिश के तहत फंसाकर उसकी हत्या की गई है। राजकौर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के सामने भावुक हो गईं। रोते हुए उन्होंने अपील की कि पुलिस उनके भाई की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों तक पहुंचे और उसके माथे पर लगे कलंक को मिटाए। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अधिकारी इसके बाद परगट सिंह के घर भी पहुंचे। अधिकारियों ने परगट सिंह और उसके परिजनों के बयान भी कलमबद्ध किए। टीम के सदस्य गांव में स्थित गौशाला भी पहुंचे। इस गौशाला के संचालक दिलबाग सिंह है। टीम ने दिलबाग से भी पूछताछ की। ग्रामीणों के मुताबिक लखबीर सिंह का हाथ काटने का दावा करने वाला निहंग सरबजीत सिंह किसान आंदोलन में सिंघु बॉर्डर जाने से पहले इसी गौशाला में काम करता रहा है। यहां भी पुलिस अफसरों ने सभी के बयान कलमबद्ध किए। एडीजीपी वरिंदर कुमार ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने चीमा कलां गांव में पहुंचकर जांच की। टीम ने जिस भी व्यक्ति से मुलाकात की उसके बयान कलमबद्ध किए गए हैं। जल्द ही लखबीर के फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। जो भी इस पूरे मामले में दोषी होगा उसे गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच शुरू कराने के सियासी मायने भी गौरतलब है कि पंजाब सरकार के इस मुद्दे पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाने के पीछे सियासी मायने भी हैं। बेअदबी मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाकर ही पिछले महीने कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हटाया गया। अब चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार यह कह सकेगी कि उसने तो दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर हुई बेअदबी की जांच के लिए भी टीम बना दी थी। पंजाब सरकार की यह स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम पता लगाएगी कि तरनतारन जिले के चीमा गांव का लखबीर सिंह सिंघु बॉर्डर पर कैसे पहुंचा? उसे वहां कौन लेकर गया? क्या बेअदबी के लिए उसे किसी ने पैसे दिए थे? शुक्रवार को पहुंची थी हरियाणा की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम हरियाणा पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम शुक्रवार को पंजाब में तरनतारन जिले के चीमा गांव में लखबीर सिंह के घर पहुंची। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में शामिल सब-इंस्पेक्टर रणबीर सिंह ने लखबीर सिंह की बहन राज कौर और पत्नी जसप्रीत कौर से लगभग 40 मिनट तक पूछताछ की। टीम ने हवेलियां गांव में उस परगट सिंह के परिवार से भी पूछताछ की जिसका मोबाइल नंबर लखबीर ने वीडियो में बताया था। लखबीर सिंह के खिलाफ बेअदबी के आरोप में कुंडली थाने में आईपीसी की धारा 295ए के तहत केस नंबर 612 दर्ज की गई है। बेअदबी का केस निहंग बलविंदर सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया।

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