धक्का बस्ती में बिन रास्ते के स्कूल, मुश्किल में नन्हे बच्चे

धक्का बस्ती में बिन रास्ते के स्कूल, मुश्किल में नन्हे बच्चे

 लोहिया खास, (दैनिक स्टेट समाचार )

 लोहिया के गांव गट्टा मुंडी कासू की बस्ती धक्का बस्ती में स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल को स्मार्ट स्कूल का दर्जा तो मिला हुआ है, मगर आने जाने को रास्ता नहीं।  स्कूल जाने के लिए मासूम बच्चों को लगभग छह सौ मीटर का रास्ता खेत खलिहान से होकर तय करना पड़ता है। खेत के बन्ने पर से गुजर कर जाना पड़ता है। अब कटाई चल रही है,आना जाना थोड़ा ठीक है मगर कटाई के बाद भरपूर खेतों में तथा बरसात के कारण फसल से लबालब भरे खेतों में से गुजर कर स्कूल जाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है। स्कूल के उपलक्ष्य में आने की कहानी भी बहुत दुखद है। पहले नन्हे मुन्नो की लगभग 3 किलोमीटर का दायरा तय कर गांव गट्टा मुंडी कासू के स्कूल में जाना पड़ता था।एक बार रस्ते में जब आवारा कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया तो शिक्षा विभाग ने गांव धक्का बस्ती में ही स्कूल मंजूर कर दिया। जिसके लिए जमीन स्थानीय किसान भगवंत सिंह ने दान की थी। 2008 में स्कूल बनकर तैयार हो गया, स्मार्ट स्कूल का रुतबा भी मिल गया, मगर 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक रास्ता नसीब नहीं हुआ है ।स्कूल मैनेजमेंट के चेयरमैन हरजीत सिंह मन्ना ने बताया कि उन्होंने सरपंच हरनेक सिंह के साथ कई बार सीडीपीओ लोहिया, एसडीएम दफ्तर शाहकोट, डिप्टी कमिश्नर जालंधर तथा शिक्षा विभाग पंजाब से लिखित रूप में रास्ते की गुहार लगाई है।उक्त अधिकारियों ने दौरे भी किए हैं।मगर कोई भी हल नहीं मिला। 5 वर्ष बीत गए हैं अधिकारियों का यहां आए हुये। अब कोई नहीं आ रहा।उधर ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार ने कहा है कि यह मामला अधिकारियों के विचाराधीन है, जल्द समाधान मिल जाएगा। डूबते को तिनके का सहारा देखते कितना कारगर सिद्ध होता है।

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