अल्लादित्ता को वापिस भेजा पाक ,बीएसएफ ने पेश की इंसानियत की मिसाल

अल्लादित्ता को वापिस भेजा पाक ,बीएसएफ ने पेश की इंसानियत की मिसाल
तरनतारन।स्टेट समाचार।अमित मरवाहा 
शनिवार को भूल की वजह से एक पाकिस्तानी किशोर भारतीय सीमा में घुस आया था। उसे रविवार को सीमा सुरक्षा बल ने पाक रेंजर्स के सुपुर्द कर एक सच्ची इंसानियत की मिसाल पैदा की। यह पहली बार नहीं है कि भारत की सीमा सुरक्षा बल की टीम ने पाकिस्तानी नागरिक को उसके रेंजर्स के हवाले किया हो, कितनी बार पाकिस्तान के नागरिकों को उनकी सेना के हवाले किया हैं। जाते-जाते पाक किशोर भारतीय सीमा सुरक्षा बल के नाम एक अच्छा संदेश भी दे गया है, उसने साफ तौर पर बोला है कि बीएसएफ जवानों ने उसकी खूब सेवा की। तरह-तरह के व्यंजन से लेकर हर प्रकार की खिदमत की। जीवन में उसके लिए यह पल कभी भूलने वाले नहीं होंगे।
मामला बीओपी-कलश पर स्थित भारत-पाक सीमा का बताया जा रहा हैं। सीमा सुरक्षा बल टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। वाक्य शनिवार की सायं 5 बजे के लगभग का हैं। पूछताछ के दौरान, उसकी पहचान अल्लादित्ता (12), निवासी जिला कसूर (पाकिस्तान) का हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर बीएसएफ ने अपने मुख्यालय में दे दी हैं। अब, अधिकारी पाकिस्तान रेंजर से बातचीत करके, उसकी उपस्थिति के बारे इतलाह करेंगे। सही पहचान साबित होने पर, उसे पाकिस्तान रेंजर्स के सुपुर्द कर दिया जाएंगा। इसके कब्जे से कपड़े एवं कुछ अन्य सामान बरामद किया गया। छानबीन दौरान किसी प्रकार से कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं बरामद हुई। इस बात की पुष्टि, सीमा सुरक्षा बल के एक प्रवक्ता ने की।  
शनिवार की सायं लगभग पांच बजे बीओपी कलश पर तैनात किसान गार्ड पार्टी ड्यूटी दे रहे थे। पाकिस्तान की हद पार दो संदिग्ध किशोर को देखा गया। सीमा सुरक्षा बल टीम ने अपने क्षेत्र में घुसने पर चेतावनी दी तो एक संदिग्ध किशोर वहां से भाग गया। जबकि, एक खड़ा रहा। सीमा सुरक्षा बलों ने उसे हिरासत में ले लिया गया। हाथ में एक बैग था। उसे पकड़ कर ले जाया गया। पूछताछ आरंभ हुई तो उसने अपना नाम अल्लादित्ता निवासी कसूर का बताया। बताया कि वह 12 वर्ष का है, यहां पर एक फैक्ट्री में काम करने के लिए उसे तथा चचेरे भाई बिलाल को लाया गया। चचेरा भाई बिलाल भाग गया। बीएसएफ के जवानों ने उसे हिरासत में ले लिया था। उसके पास एक बैग बरामद हुआ था। बैग में कपड़े तथा कुछ सामान था।
अल्लादित्ता को  हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ आरंभ हुई तो किसी प्रकार से कोई संदिग्ध बातचीत सामने नहीं आई। इस बात की जानकारी बीएसएफ की टीम ने अपने मुख्यालय के अधिकारियों को दी। जिन्होंने आगे पाकिस्तान रेंजर्स के साथ बातचीत की। मालूम हुआ कि किशोर ने जितनी जानकारी दी। वह सब ठीक हैं। पूरे दस्तावेज की कार्रवाई पूर्ण होने के उपरांत रविवार को बीएसएफ ने पाक रेंजर्स के हवाले कर दिया। अल्लादित्ता जाते-जाते बीएसएफ के जवानों को किशोर हाथ-हिलाते हुए उन्हें नमस्कार तथा अदा भी कह गया।
बीएसएफ अंकल बहुत अच्छे है
अल्लादित्ता ने जाते समय एक बात जरूर कहीं कि यह बीएसएफ वाले अंकल बहुत अच्छे हैं। उन्होंने, मुझे पूरा प्यार दिया। मुझे कोई डर नहीं लगा। मेरी हर प्रकार से खिदमत की। खाने में तरह-तरह के व्यंजन दिए गए। यहां से मैं अच्छी यादें लेकर अपने वतन लौट रहा हूं। सुना  था कि हिंदुस्तान के लोग बहुत अच्छे है, वाक्य आज मुझे इस बात का दिल से अहसास हो गया हैं।

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