मानसून सत्र आठ से शुरू, सुरक्षा चाक-चौबंद

विस अध्यक्ष ने हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ के शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक
विधान भवन के बाहर ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों के लिए बनेगी अस्थायी कैंटीन
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल भी रहेगा मौजूद
 चंडीगढ़।स्टेट समाचार।विनोद कुमार
हरियाणा विधान सभा के 8 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र के मद्देनजर विस अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने वीरवार को सुरक्षा संबंधी बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के लिए हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ के शीर्ष अधिकारियों से ब्योरा मांगा। गुप्ता ने इन अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।
बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल, गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल, पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और यूटी चंडीगढ़ की एसपी श्रुति अरोड़ा समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि ई-विधान सभा का यह पहला सत्र है। इस प्रकार का अभिनव प्रयोग हरियाणा में पहली बार हो रहा है। सदन की कार्यवाही के साथ-साथ सचिवालय के अनेक कार्य भी डिजीटल माध्यमों से होंगे। सत्र देखने के लिए आने वाले दर्शकों के लिए पास भी कंप्यूटर से बनेंगे। इसलिए सुरक्षा अधिकारियों को भी नई तकनीक के अनुसार अपडेट रहना आवश्यक है।
बैठक में गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों और विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों को इन सबके लिए समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। बैठक में तय हुआ कि दर्शक दीर्घा का समुचित प्रयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सत्र दिखाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए घंटे भर की अवधि के लिए पास जारी किए जाएंगे। विधान भवन के बाहर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के जलपान के लिए अस्थायी कैंटीन बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में तय हुआ कि विधान सभा के मानसून सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए जाएंगे। गत वर्ष मानसून सत्र के दौरान कुछ विपविधायकों ने रोष-प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस पर धक्का-मुक्की के आरोप लगाए थे। इस बार विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से हिदायत दी है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों की समन्वय कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सत्रावधि के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। किसी भी मामले में कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ पुलिस भी मौके पर मौजूद रहेगी।
बैठक में तय हुआ है कि सत्र के दौरान किसी भी आम या खास को हथियार के साथ प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए विधान सभा सचिवालय की ओर से विधायकों को एक पत्र भी लिखा जा रहा है। बैठक में हरियाणा विधान सभा सचिव राजेंद्र कुमार नांदल समेत अनेक अधिकारी भी मौजूद रहे।

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